वो हिस्सा जो सिर्फ़ तुम्हारे हिस्से आया !

वो हिस्सा जो सिर्फ़ तुम्हारे हिस्से आया !

मुझे अपने भीतर, कुछ खालीपन सा नहीं लगता , बस उसी प्राचीनता का आभास होता है  जो पहले हुआ करता था । फर्क़ बस अब इतना है…