DIARY
मुग्ध नहीं होता मन अब, प्रिय तुम्हारी बातों पर ।
मुग्ध नहीं होता मन अब, प्रिय तुम्हारी बातों पर । संयम मन ने साध लिया है, चंचल से जज्बातों पर । मुग्ध नहीं होता मन अब, प…
June 23, 2026
मन के बहकावे में ना आ, मन राह भुलाए भ्रम में डाले। तू इस मन का दास ना बन, इस मन को अपना दास बनाले। हमारे बड़े-बुजूर्गों ने हमें अक्सर यह बात समझाई है कि कुछ काम ऐसे होते हैं जो केवल हमारे मन के काबू में न होने के कारण बिगड़ जाते हैं। अक्सर लोग कहते हैं कि जिस…
Svaghoshit Lekhika
मुग्ध नहीं होता मन अब, प्रिय तुम्हारी बातों पर । संयम मन ने साध लिया है, चंचल से जज्बातों पर । मुग्ध नहीं होता मन अब, प…