अपराधबोध !!

अपराधबोध !!

प्रिये संग्रहिका  , रात के करेक्ट एक बज रहे हैं। आज इतने दिनों बाद अचानक आने का कारण बेशक तुम नहीं पूछोगी। क्योंकि तुम …